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बिहार दिवस: सीएम नीतीश ने कहा- 2021 तक पूर्ण साक्षर होगा बिहार

पटना: बिहार वर्ष 2021 तक पूर्ण साक्षर राज्य होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर रविवार को यह ऐलान किया। उन्होंने कहा-2021 की जनगणना में बिहार को साक्षरता दर में देश के पांच अव्वल राज्यों में शामिल कराना है। इसके लिए जरूरी है कि सभी साक्षर बनें। इस लक्ष्य को पाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। बेहतर परिणाम भी आए हैं। आगे और कार्यक्रम चलाए जाएंगे। 2011 की जनगणना में महिला साक्षरता वृद्धि दर में बिहार अव्वल था। इसके लिए राज्य को पुरस्कृत भी किया गया था।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य को महिला सशक्तीकरण नीति का तोहफा दिया। नीति के दस्तावेज का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक माह में इसकी कार्ययोजना बनेगी। मुख्य सचिव के स्तर पर हर छह माह में नीति के तहत किये गए कार्यों की मॉनीटरिंग होगी। मुख्यमंत्री के स्तर पर भी इसकी समीक्षा होगी। 23 मार्च को शहीदी दिवस और राम मनोहर लोहिया की जयंती है। इसकी पूर्व संध्या पर यह नीति लागू हो रही है।
यह उनलोगों की स्मृति को समर्पित है। मुख्यमंत्री गांधी मैदान में बिहार दिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। नीतीश का पूरा भाषण महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित रहा। उन्हाेंने कहा कि बिहार दिवस मनाने के पीछे मकसद यही है कि राज्य के गौरवशाली इतिहास को सबके बीच पहुंचना और इसे पहले की ऊंचाई पर ले जाना।
इसके लिए सभी वर्ग का सहयोग जरूरी है। नीतीश ने कहा कि बिहार में जितने उत्साह से लोग इस दिवस को मनाते हैं, उतने उत्साह में अन्य राज्यों में रहने वाले बिहारी नहीं मनाते हैं। यह दिवस हमारे पहचान को प्रकट करता है। बिहार के विकास की तस्वीर देखनी हो तो लड़कियों को गांव-गांव में साइकिल चला कर स्कूल जाने की है।
मौके पर किलकारी के बच्चों द्वारा राज्य के धरोहरों की ली गई तस्वीर को स्मृति चिह्न के रूप में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को सौंपा गया। समारोह में मंत्री विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, श्याम रजक, रामलषण राम, अवधेश प्रसाद कुशवाहा, लेशी सिंह, रंजू गीता, बीमा भारती, जय कुमार सिंह, विधान परिषद के उप सभापति सलीम परवेज, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, डीजीपी पीके ठाकुर भी शामिल थे।
देश में सबसे तेजी से बढ़ी है बिहार की साक्षरता दर
61.8% है बिहार की साक्षरता दर 2011 में। देश में सबसे कम। 2001 में यह मात्र 47% ही थी।
14.8%की दर से बढ़ी है बिहार की साक्षरता दर 2001-2011 के बीच, देश में सबसे अधिक तेजी से।
17.8%का अंतर था 2001 की सेंशस के अनुसार बिहार और पूरे देश की साक्षरता दर में।
72.9% है पूरे देश की साक्षरता दर 2011 की सेंशस के अनुसार, 11.1% अधिक है बिहार से।
90% से अिधक साक्षर राज्य पूर्ण साक्षर माना जाता है। 94%केरल की साक्षरता दर, देश में सर्वािधक।
पढ़ेंगी बेटियां, जनसंख्या वृद्धि पर लगेगा अंकुश
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में महिला कि भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सभी लड़कियों को कम-से-कम इंटर तक की शिक्षा दी जाएगी। इंटर तक पढ़ी लड़कियों के बीच प्रजनन दर देश में 1.7 और बिहार में 1.6 है। जबकि देश की प्रजनन दर 3.6 है। साबित है कि लड़कियों को इंटर तक की शिक्षा देकर बढ़ती जनसंख्या पर अंकुश लगाया जा सकता है।
इस साल राज्य में खुलेंगे 1000 प्लस टू स्कूल
उन्होंने कहा-इस साल 1000 पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय खुलेंगे। इससे बाल विवाह की कुप्रथा भी समाप्त होगी। लिंगानुपात भी सुधरेगा। अभी बिहार में 1000 लड़कों पर मात्र 917 लड़कियां हैं। महिला सशक्तीकरण के लिए ही शिक्षक नियोजन में महिलाओं को 50 और पुलिस की बहाली में दारोगा तक के पदों पर 35 प्रतिशत आरक्षण दिया।